Buxwah

सिनेमा की विश्व विरासत को बचाने का अथक प्रयास है KIFF



जल्द ही खजुराहो में आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आपका अपना चैनल बुंदेलखंड ट्रूपल भी सरीक होने जा रहा है।  17 से 23 दिसंबर के बीच चलने वाले फिल्म जगत के इस अंतराष्ट्रीय कार्यक्रम में देश विदेश की कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहेंगी। फिल्म निर्माता एवं बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला के मार्गदर्शन और संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित हो रहे KIFF (खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल) से जुडी कुछ ख़ास बातें आपको बताते हैं। 

-KIFF की ख़ास बात यह है कि ये गांव में और तंबू में आयोजित होने वाला भारत का सबसे अनूठा फेस्टिवल है। 
-इस साल दिसंबर में इसके छठे संस्करण का आयोजन किया जाएगा।
-इस बार फेस्टिवल दो तरीके से आयोजित होगा।
-मध्यप्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्र खजुराहो में इस बार KIFF का आयोजन वर्चुअल और पारंपरिक दोनों तरीके से होगा।
-इस दौरान 17 से 23 दिसंबर तक फिल्में दिखाई जाएंगी
-संस्कृति विभाग के सहयोग से होने वाले फेस्टिवल में इस बार विदेशी फिल्मकार हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसलिए फेस्टिवल को वर्चुअल तरीके से करने की तैयारी है। 
-17 से 23 दिसंबर तक चलने वाले KIFF को 2020 में इस दुनिया से अलविदा कहने वाले बॉलीवुड कलाकारों को समर्पित किया गया है।
-स्थानीय स्तर पर फेस्टिवल की फिल्मों को पहले की तरह ही टपरा टॉकीज में दिखाया जाएगा।बता दें कि बांस बल्ली लगाकर तिरपाल से बनाए तंबू को टपरा टॉकीज कहा जाता है। KIFF की फिल्मों को पहले के वर्षों में भी सिनेमाघरों की बजाय टपरा टॉकीज में दिखाया जाता रहा है। ऐसा करने वाला यह अपने आप में एकलौता फेस्टिवल है।

"फेस्टिवल के संचालक एक्टर राजा बुंदेला के मुताबिक KIFF का आयोजन सिनेमा की विश्व विरासत को बचाने का प्रयास है। पहले सिनेमाघर नहीं हुआ करते थे तब इन्हीं टपरा टॉकीज में लोग फिल्मों का आंनद लेते थे। गांव में होने वाले KIFF को विलेज फेस्टिवल भी कहा जाता है।

KIFF का आयोजन स्थानीय भाषा, संस्कृति, परिवेश और पर्यटन की खूबसूरती को दर्शाता है। फेस्टिवल में बड़ी संख्या में स्थानीय भाषा की फिल्मों को भी प्रदर्शित किया जाता है। इस पूरे कार्यक्रम की पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी सराहना कर चुके हैं।

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