Buxwah

दुनिया में सर्वश्रेष्ठ जगह है खजुराहो: लियांग शी छेंग



"दुनिया में सर्वश्रेष्ठ जगह है खजुराहो" उक्त उदगार कोरोना काल के पश्चात पहली बार विदेशी पर्यटक के तौर पर ताइवान निवासी लियाॅन सी छेंग जब खजुराहो आए, तो उन्होंने दैनिक लोकोत्तर संवाददाता राजीव शुक्ला से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें खजुराहो अपने गांव घर जैसा लगता है, यहाँ का माहौल, लोग तथा कला और संस्कृति उनके दिलो-दिमाग में छा गई है।




वे पहली बार सन् 2010 में खजुराहो आए और उसके बाद से लेकर अभी तक 10 वर्षों में 20 बार खजुराहो आ चुके हैं, इनका कहना है कि खजुराहो का माहौल उन्हें बहुत सूट करता है जिसकी वजह से वे बार-बार खजुराहो आते हैं और आते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि करोना काल के कारण वे 10 महीने से भारत में हैं इसलिए उन्हें खजुराहो आने में एक बार फिर से आसानी हुई। अगर वे अपने देश में होते, तो शायद ना आ पाते। उन्होंने कहा कि खजुराहो की जो वर्तमान की व्यवस्थाएं हैं, उनसे वे पूर्णता संतुष्ट हैं, हालांकि कुछ और यातायात की सुविधाएं खासतौर से एयर कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी हो तो और भी बेहतर होगा।
खजुराहो में उनके कई मित्र हैं, लेकिन खजुराहो के सुप्रसिद्ध सरकारी गाइड आनंद तिवारी तथा बद्री सिंह परमार इनके प्रमुख खास मित्रों में से हैं। वे इन्हें बहुत पुराने परिचितों में से बताते हैं। लियांग सी छेंग ने कहा की बद्री सिंह परमार स्थानीय निवासी खजुराहो ने उन्हें खजुराहो के बारे में तथा आसपास के क्षेत्र का भ्रमण कराकर मेरे मन में यहाँ के प्रति आकर्षण पैदा किया, जो निश्चित रूप से इनके मिलनसार स्वभाव के चलते ही ऐसा संभव हुआ।
अपने, खजुराहो तथा यहाँ के लोगों के बारे में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खजुराहो बहुत ही अच्छी जगह है। यहाँ लोगों को बार बार आना चाहिए और खजुराहो महज मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि यहाँ आसपास कई ऐसे दर्शनीय स्थल हैं, जिन्हें जरूर देखना चाहिए। यहाँ की पुरातात्विक धरोहर अति प्राचीन हैं। साथ ही निश्चित रूप से यहाँ की शिल्पकला दर्शनीय हैं, लेकिन आसपास के क्षेत्र में स्थित दर्शनीय स्थल भी कुछ कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे इस स्थल पर आकर बहुत ही सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है तथा शांति मिलती है।
-राजीव शुक्ला पत्रकार खजुराहो

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