Buxwah

किसानों को विद्युत विभाग द्वारा दी जा रही सिंचाई की सुविधा के पीछे यह है कारण; लम्बे समय से हो रहे हैं परेशान



ललितपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में लम्बे समय से दिन और रात भर और कई बार दिन में घंटों बिजली गुुल रहने से नलकूप संयोजनधारी बिजली उपभोक्ताओं की सिंचाई बाधित हो रही है। महरौनी, मड़ावरा, नाराहट, पाली, बानपुर, देवगढ़ व राजघाट फीडरों के दर्जनों गांवों में मुश्किल से आठ से दस घंटे बिजली मिल पा रही है, या फिर आती भी है तो लो-वोल्टेज की समस्या की वजह से पानी की मोटरें ही नहीं चल पा रही है।
जनपद में करीब साढ़े छह हजार से अधिक किसानों द्वारा स्थायी और करीब डेढ़ हजार किसानों द्वारा अस्थाई सिंचाई के कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं द्वारा नलकूप मोटरों के माध्यम से खेतों में सिंचाई की जा रही है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप संयोजन के माध्यम से सिंचाई में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज बाधा बन रही है। दिन या रात में कभी भी फाल्ट आने पर या अन्य कारणों से अलग-अलग समय तीन से चार घंटे तक या फिर कई बार इससे अधिक समय तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार दिन में चार घंटे बिजली कटौती निर्धारित है। ऐसे में कई ग्रामीण क्षेत्रों को मुश्किल से आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। इससे सबसे अधिक प्रभावित वर्तमान में रबी की फसल बोनी के समय खेतों की सिंचाई करने वाले किसान हो रहे हैं। 
महरौनी, मड़ावरा, बानपुर, नाराहट, पाली, नदनवारा, देवगढ़, राजघाट फीडर के अंतर्गत करीब तीन सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति आए दिन बाधित बनी रहती है। दैलवारा में बीते शुक्रवार को सुबह बिजली आपूर्ति गुल हो गई, जो 40 घंटे बाद आई। ऐसे में बहुत से किसानों ने डीजल पंप चलाकर पानी की मोटरें चलाकर सिंचाई की। 
ऐसा ही हाल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों का है जहाँ किसान बिजली का दिन-रात इंतजार करते रहते हैं और जब बिजली आती भी है तो लो-वोल्टेज के कारण नलकूप की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। फिलहाल विभागीय अधिकारी फॉल्ट और लो-वोल्टेज के लिए सिंचाई के सीजन में लोड अधिक बढ़ जाने की वजह बता रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ