Buxwah

बांग्लादेश में बढ़ी बुंदेलखंड के गेहूं की मांग

 


बांग्लादेश के लोगों को बुंदेलखंड का गेहूं बहुत पसंद आ रहा है। अगस्त से अभी तक रेल मंडल की अलग- अलग साइडिंग से बीस मालगाड़ी गेहूं भेजा जा चुका है। लगातार डिमांड बनी हुई है। रेलवे को प्रत्येक मालगाड़ी पर 55 लाख रुपये का राजस्व मिलता है। अफसरों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा डिमांड है।


बुंदेलखंड के महोबा, चित्रकूट, हरपालपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, हमीरपुर, जालौन समेत कई क्षेत्रों में गेहूं की पैदावार अच्छी होती है। यहां का गेहूं देश ही नहीं विदेशों तक में जाता है। बांग्लादेश के लोगों को भी बुंदेलखंड का गेहूं बहुत पसंद है। यही कारण है कि इस देश में यहां का गेहूं लगातार भेजा जाता रहा है। इस बार भी अगस्त से अभी तक 20 मालगाड़ी गेहूं भेजा जा चुका है। इन मालगाड़ियों में गेहूं का लदान मंडल के दतिया, ललितपुर, मुरैना व रायरू स्टेशन की साइडिंग से किया गया। यह मालगाड़ियां पश्चिम बंगाल होकर बांग्लादेश की तरफ बढ़ती है। बांग्लादेश की बेगमपुर व दर्शना रेल साइडिंग पर मालगाड़ियों को खाली किया जाता है। कोरोना काल में भी गेहूूं का निर्यात बराबर होता रहा। प्रत्येक मालगाड़ी पर 55 लाख रुपये राजस्व मिल रहा है, जो कोरोना काल में रेलवे के लिए राहत का काम कर रहा है।


इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अगस्त से लगातार मालगाड़ियों में गेहूं का लदान कर बांग्लादेश भेजा जा रहा है। गेहूं के साथ खली व अन्य खाद्य भी भेजे जाते हैं। बांग्लादेश से डिमांड लगातार बनी हुई है।

- प्रतिदिन हो रहा 610 टन माल का लदान

झांसी रेल मंडल माल लदान में बेहतर स्थिति में पहुंच गया है। मंडल की दतिया, बिजौली, उरई, रायरु, ललितपुर, मुरैना साइडिंग से प्रतिदिन 90 से अधिक वैगनों पर लदान किया जा रहा है। नवंबर में 408 वैगनों पर लदान किया गया। जबकि पिछले साल नवंबर में 318 वैगनों में माल लदान किया गया था। झांसी मंडल ने खाद्यान्न और अन्य वस्तुओं के लदान में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें गुड्स शेड में सुधार, खाद्यान्नों की अतिरिक्त और नई यातायात धारा के लिए 30 प्रतिश तक छूट का प्रावधान किया गया।

- बुंदेलखंड से बांग्लादेश में कठिया (लाल) गेहूं ज्यादा भेजा जाता है। इस गेहूं में कई खासियतें हैं। इसमें प्रोटीन अधिक और पाचक होता है। इस गेहूं का दलिया बीमार लोगों को बहुत लाभ पहुंचाता है। इसके आटे के साथ चने की रोटी कई रोगों को दूर करती है।


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