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बुंदेलखंड से राजस्थान भेजी जाएगी बालू, रेलवे को मिलेगा इससे फायदा



रेलवे अब मालगाड़ी से बालू भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजेगा। इसकी बुकिंग शुरू हो गई है। बांदा की एक फर्म ने बालू की रैक को भरतपुर के लिए बुक कराया है। यह पहला मौका होगा जब मालगाड़ी से बुंदेलखंड की बालू दूसरे राज्य में भेजी जाएगी। 25 दिसंबर को पहला रैक बांदा साइडिंग से भरतपुर के लिए चलेगा।


बुंदेलखंड से गेहूं, चावल, खली, पेट्रोल- डीजल, केरोसिन, खाद, गिट्टी, सीमेंट दूसरे राज्यों में मालगाड़ी से भेजा जाता है। साथ ही, कुछ समय से ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट से एश (राख) रूपनगर पंजाब, गाजियाबाद, मैहर व सतना भी भेजी जाने लगी है। मुरैना ने बाजरा का भी लदान होने लगा है। उक्त वस्तुओं का लदान झांसी, रायरु, मालनपुर, ग्वालियर, मुरैना, ललितपुर, दतिया, निवाड़ी,भीमसेन, उरई, डबरा, निवाड़ी व बांदा स्टेशन की साइडिंग से होता है। रेलवे को अब बालू का एक नया ग्राहक मिल गया है। पहली बार बांदा साइडिंग से भरतपुर के लिए बालू बुक की गई है। यह रैक 25 दिसंबर को बांदा से भरतपुर जाएगा। इससे रेलवे को 20 लाख आय होगी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना काल में भी मंडल ने माललदान में नए आयाम स्थापित किए हैं।

मंडल में 183 फर्म पंजीकृत

रेलवे मालभाड़ा बढ़ाने के लिए नए ग्राहक बनाने का लगातार प्रयास कर रहा है। मंडल में अभी 183 ऑनलाइन फर्म पंजीकृत हैं, जो अपना माल दूसरी जगह भेजते हैं। मंडल को हर महीने मालभाड़े से औसत 60 करोड़ की आय होती है। नवंबर में रिकार्ड 71 करोड़ आय अर्जित की गई थी।

मालगाड़ी के एक वैगन में 1280 बोरा माल रखा जा सकता है। इसी तरह 70 टन बालू को रखा जा सकता है।


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