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कितना खतरनाक हो सकता है कोरोना का नया 'स्ट्रेन'? अध्ययन में आया सामने : Coronavirus

दुनियाभर में अब तक आठ करोड़ 23 लाख से भी अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जबकि 17 लाख 96 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका और भारत पहले से ही कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अमेरिका में जहां संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 99 लाख से अधिक हो गई है, तो वही भारत में यह आंकड़ा एक करोड़ दो लाख के पार है और अब यहां भी इसके नए 'स्ट्रेन' के मिलने से चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई है। कोरोना के इस नए स्ट्रेन' को 70 फीसदी ज्यादा संक्रामक बताया गया है, लेकिन यह कितना खतरनाक है, इसको लेकर ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक तुलनात्मक अध्ययन किया है। 


अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने यह कहा कि कोरोना के नए 'वैरिएंट' से होने वाली समस्याएं पहले की तुलना में ज्यादा गंभीर नहीं हैं। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड द्वारा करवाए इस नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 1,700 से ज्यादा लोगों के बीच एक तुलनात्मक अध्ययन किया, जिनके कोरोना के नए 'स्ट्रेन' से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट और पुराने वैरिएंट से संक्रमित लोगों के अस्पताल में भर्ती कराए जाने को लेकर कोई खास अंतर नहीं है। इसका मतलब ये है कि कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित उतने ही लोगों को गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ा है जितने लोगों ने पहले किया था। 

हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन के बाद यह जरूर कहा है कि कोरोना का यह नया 'स्ट्रेन' तुलनात्मक रूप से ज्यादा तेजी से फैल सकता है, इसलिए संक्रमण के नए मामलों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। ब्रिटेन में तो टीकाकरण अभियान चलाए जाने के बावजूद कोरोना के नए मामलों में काफी उछाल देखने को मिल रहा है। मंगलवार को यहां संक्रमण के रिकॉर्ड 53 हजार से अधिक मामले सामने आए, जबकि 414 लोगों की मौत हो गई। 

भारत में अबतक 20 लोग कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए हैं। ये सभी लोग ब्रिटेन से लौटे हैं। उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है। इसके अलावा अमेरिका मे भी नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। कोलोराडो के गवर्नर जारेड पोलिस ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि ब्रिटेन में पाया गया कोरोना का वैरियंट यहां भी खोजा गया है। इसके अलावा वायरस का यह नया स्वरूप डेनमार्क, हॉलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में भी पाया गया है। इसके तेजी से फैलने की वजह से लोगों को ज्यादा सतर्क रहने और कोरोना से बचने के लिए अपनाए जा रहे नियमों का पालन करते रहने को कहा गया है। 

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