Buxwah

Facebook पर लगा था बंद करने का आरोप किसान एकता मोर्चा का पेज को किया बंद

 

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 23 दिनों से जारी है। किसान अपने आंदोलन के बारे में जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। किसान आंदोलन के लिए फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर कुछ पेज भी बने हुए हैं। ऐसा ही एक एक पेज है किसान एकता मोर्चा का फेसबुक पेज (Kisan Ekta Morcha Facebook Page), जिसको लेकर रविवार (20 दिसंबर) को काफी विवाद हुआ। रविवार को ये पेज अनपब्लिश हो गया था। जिसके बाद ट्विटर पर किसानों ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि फेसबुक ने जानबूझकर ऐसा किया है। विरोध को देखते हुए फेसबुक ने ये पेज फिर से एक्टिव कर दिया है।
किसानों ने फेसबुक पर लगाया ये आरोप
किसान एकता मोर्चा का फेसबुक पेज ने जब काम करना बंद कर दिया तो किसान संगठन ने फेसबुक पर आवाज दबाने का आरोप लगाया। फेसबुक पेज बंद होने के बाद किसान एकता मोर्चा के ट्विटर हैंडल ने लिखा, जब लोग आवाज उठाते हैं तो वे बस यही कर सकते हैं। इसके साथ ट्विटर पर फेसबुक द्वारा बंद किया गए पेज का स्क्रीनशॉट साझा किया गया था। स्क्रीनशॉट से पता चल रहा था कि फेसबुक ने पेज को कम्युनिटी स्टैंडर्ड की अवहेलना करने का हवाला देते हुए अनपब्लिश किया था।
किसानों का आरोप था कि हमारी बात जनता तक ना पहुंचे, इसलिए फेसबुक ने ये कदम उठाया है। इस मुद्दे पर जब विवाद होने लगा तो फेसबुक ने पेज को फिर से एक्टिव कर दिया।
फेसबुक ने क्या कहा?
फेसबुक ने किसान एकता मोर्चा के फेसबुक पेज को फिर से पब्लिश करने के बाद बयान जारी कर कहा कि उन्होंने किसान एकता मोर्चा का पेज को फिर चालू कर दिया है। फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा कि हमने किसान एकता मोर्चा के फेसबुक पेज https://www.facebook.com/kisanektamorcha को फिर से चालू कर दिया है। फेसबुक ने किसानों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है।
किसान एकता मोर्चा के फेसबुक पेज के अनपब्लिश किए जाने पर स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने भी वीडियो जारी कर आलोचना की। उन्होंने कहा कि पेज को अनपब्लिश करना सरकार और मंत्रियों के बाद अब फेसबुक की बौखलाहट को दिखाता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ