Buxwah

Politicians and farmers boil over Lakhimpur Kheri | स्कैंडल लखीमपुर खीरी कांड से राजनेताओं और किसानों में उबाल |


लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत और संघर्ष की आंच से बुंदेलखंड भी अछूता नहीं रहा। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को किसानों की पैरवी में पूरा दिन आंदोलन गरमाया रहा। राजनीतिक दलों और किसान संगठनों ने अलग-अलग धरना-प्रदर्शन किया और ज्ञापन दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री की बर्खास्तगी और उप मुख्यमंत्री का इस्तीफा समेत आश्रितों को मुआवजा, सरकारी नौकरी व गिरफ्तारी आदि की मांगें प्रमुख रहीं।

आंदोलन में सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी समेत किसानों संगठनों में बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक), भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक), बुंदेलखंड इंसाफ सेना आदि शामिल रहे। आंदोलनों के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन निपटने पर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।


मृतक किसानों के परिजनों से मिलने के लिए लखीमपुर खीरी जाने से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोक दिए जाने पर भड़के सपाई सड़कों पर उतर आए। बिजलीखेड़ा स्थित कार्यालय से जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव की अगुवाई में सपाई जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। प्रदेश सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।

कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था धड़ाम है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी की निंदा भी की। ज्ञापन में मृतक के किसानों के परिजनों को 2 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी, गृह राज्यमंत्री व उप मुख्यंमत्री का इस्तीफा, दोषियों को जेल भेजने आदि मांगें शामिल रहीं।

पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, अशोक सिंह गौर, हसनुद्दीन सिद्दीकी, अर्चना पटेल, नंदकिशोर यादव, साधना सिंह, अवधेश सेन, विद्यासागर तिवारी, राज यादव, उमेश यादव, प्रदीप यादव, मुशीर अहमद फारुकी, कुतैबा जमां, प्रदीप जडिय़ा, आमिर खां मन्नी, राजेंद्र यादव, अशोक श्रीवास, मोहम्मद आरिफ, इश्तिहाक अली, प्रियांशु गुप्ता, अबरार फारुकी, भरतलाल दिवाकर, मनोज वर्मा, वीरेंद्र गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

उधर, सपा नेता और पूर्व सीबीआई अधिकारी अनिल यादव की अगुवाई में भी सपा नेताओं ने प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकील अली, पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, प्रदीप निगम लाला, रामपाल प्रजापति आदि शामिल रहे।

लखीमपुर खीरी घटना को लेकर कांग्रेस में भी उबाल है। इस घटना को हत्या बताया है। प्रियंका वाड्रा की गिरफ्तारी की आलोचना की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न दुबे लालू की अगुवाई में सोमवार को कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। कहा है कि पीड़ित परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।

इस घटना में दोषियों को सजा मिले। प्रदर्शन व ज्ञापन में प्रदेश महासचिव अखिलेश कुमार शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, राजेश दुबे, राजेश गुप्ता, शोएब रिजवी, अल्तमश हुसैन, केशव पाल, धीरेंद्र पांडेय, कालीचरन, अशोक वर्धन कर्ण, रमेशचंद्र गुप्ता, द्वारिकेश सिंह यादव मंडेला, संतोष कुमार द्विवेदी, अशोक वीर चौहान, हरीकृष्ण गुप्ता, जहांगीर बख्श, छेदीलाल, बीलाल, अशरफ उल्ला, अवधेश शिवहरे, सुनील चौरसिया, मोहम्मद साजिद, इरफान खां, राज बहादुर गुप्ता, मोहम्मद इदरीश, जिलानी दुर्रानी, प्रेमचंद्र वर्मा, केपी सेन, सुखदेव गांधी आदि उपस्थित रहे।


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