Buxwah

महिलाओं का हल्ला बोल : न गांव में शराब बिकने देंगे और न घरवालों को पीने देंगे


महरौनी थाना क्षेत्र के ग्राम सिंदवाहा में संचालित शराब के ठेके के खिलाफ गांव की महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एलान किया कि न तो वह गांव में शराब बिकने देंगी और न ही अपने परिवार के सदस्यों को इसका सेवन करने देंगी। गांव से ठेका हटवाने के लिए गांव की महिलाएं कोतवाली पहुंचीं और थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया।

कोतवाली प्रभारी को दिए ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में विगत चार साल से शराब का ठेका संचालित हो रहा है। चूंकि गांव में ठेका होने के चलते आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। इससे न सिर्फ पुरुष बल्कि बच्चे भी शराब पीने के लती हो गए हैं। शराब गांव में आसानी से उपलब्ध होने के चलते उनके परिवार को बरबादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। परिवार में हालात यह हैं कि शराब के लती पुरुष उनके जेवरात गिरवी रखकर अपना शौक पूरा कर रहे हैं। महिलाएं नशे में धुत लोगों की हिंसा का शिकार बन रही हैं। जिन महिलाओं के कदम कभी शिकायत लेकर जाने में ठिठकते थे, वह एकजुट हुईं और शुक्रवार को कोतवाली पहुंच गईं।

महिलाओं ने कोतवाली प्रभारी को ज्ञापन थमाकर गांव में बेची जा रही शराब पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि न तो वह गांव में शराब बिकने देंगी और न ही अपने परिवार के सदस्यों को इसका सेवन करने देंगी। साथ ही चेतावनी दी यदि ठेका बंद नहीं किया जाता है तो उनका आंदोलन और तेज हो जाएगा।

गांव चार साल से शराब का ठेका संचालित हो रहा है। शराब बिकने के कारण गांव का माहौल काफी खराब हो गया हैं। शाम के समय घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। शिवरानी

गांव मे आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण बड़ों के साथ बच्चे भी शराब के लती बन गए हैं। परिवारों को बरबादी से बचाने के लिए गांव से शराब का ठेका हटाया जाना आवश्यक हो गया है। जयबाई

गांव के लोग इतने ज्यादा शराब के लती हो गए हैं कि वह घर पर महिलाओं के साथ मारपीट कर जबरदस्ती कर गहने आदि गिरवी रखकर शराब का सेवन कर रहे हैं। सौजनाबाई

गांव में शराब के ठेके बंद नहीं हुए तो गांव की सभी महिलाएं एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने के लिए बाध्य हो जाएंगी। पुलिस को भी हमारी बात सुननी पड़ेगी। अवध रानी

गांव में शराब बिकने से कई परिवार बर्बादी की कगार पर आ गए हैं। महिलाएं एवं बच्चे शराबी लोगों द्वारा मारपीट का शिकार हो रहे हैं। यहां तक कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं।


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