Buxwah

UP Elections : कानपुर-बुंदेलखंड की पांच सीटें... बढ़ा रहीं बीजेपी की बेचैनी...



यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां रणनीति बनाने में जुटीं हैं। बीजेपी और एसपी दोनों ही पार्टियां सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। इसके लिए सभी पार्टियां 2017 विधानसभा चुनावों के रिजल्ट को ध्यान में रखकर तैयारियां कर रही हैं। इस बीच कानपुर-बुंदेलखंड की पांच सीटें बीजेपी की बेचैनी बढ़ा रही हैं। पिछले 2017 विधानसभा चुनाव में मोदी लहर थी और इस लहर में भी कानपुर-बुंदेलखंड की पांच सीटों में कमल नहीं खिल पाया था। इसमें कानपुर की तीन सीटें शामिल हैं।

कानपुर-बुंदेलखंड बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ है। विपक्षी पार्टियों की नजर बीजेपी के मजबूत गढ़ पर है। वहीं बीजेपी अपने किले को बचाने के लिए उसकी घेराबंदी करने का प्लान तैयार कर रही है। बीजेपी ने पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड की 52 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों पर कमल खिलाया था। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड की 10 लोकसभा सीटों में से 10 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी।

5 सीटों पर हारी थी बीजेपी

बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में एसपी के गढ़ को भेदकर कमल खिलाने का काम किया था। लेकिन इस दौरान कई सीटों पर हार का भी सामना करना पड़ा था। इसमें एसपी के गढ़ की दो सीटें और कानपुर की तीन सीटें शामिल हैं। इटावा की जसवंतनगर सीट से प्रसपा मुखिया शिवपाल सिंह यादव जीते थे। ये सीट मुलायम सिंह की परिवारिक सीट मानी जाती है।

गढ़ बचाने की जिम्मेदारी

बीजेपी को कन्नौज सदर विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। सदर विधानसभा सीट सपा का गढ़ है और यहां से अनिल कुमार दोहरे जीते थे। लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को कन्नौज में हार का सामना पड़ा था। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में अखिलेश के कंधो पर अपना गढ़ बचाने की भी जिम्मेदारी है।

कानपुर की 10 में 07 सीटों पर खिला था कमल

बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में कानपुर की 10 सीटों में 07 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को 03 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। जिसमें आर्यनगर विधानसभा सीट से एसपी के अमिताभ वाजपेई जीते थे। सीसामऊ विधानसभा सीट से एसपी के इरफान सोलंकी जीते थे। वहीं कैंट विधानसभा सीट कांग्रेस की सुहैल अंसारी ने शानदार जीत दर्ज की थी। बीजेपी 2022 विधानसभा चुनाव में कानपुर और कानपुर-बुंदलेखंड में क्लीन स्वीप करने का दावा कर रही है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ