Buxwah

जिलाधिकारी कार्यालय सहित इन सरकारी विभागों में नगर पालिका बांदा का 6,24,320 हाउस टैक्स बकाया

 बांदा, 

बिजली विभाग हो, बैंक हो या राजस्व विभाग,  यह तीनों विभाग बकायेदारों से वसूली के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कभी किसी का मकान नीलाम कर देते हैं तो कभी किसान का ट्रैक्टर कुर्क हो जाता है। जो बकाया नहीं जमा करते हैं उन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ती है लेकिन सरकारी विभागों पर मजाल है, कोई उंगली उठा ले। जनपद मुख्यालय में ऐसे विभाग 19 विभाग हैं जो हाउस टैक्स के बकायेदार है।  यह विभाग स्वेच्छा से बकाया जमा कर दें तो ठीक है। उनके खिलाफ आम जनता की तरह कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जा सकती है।


जनपद में वित्तीय वर्ष के अंत में बिजली विभाग, जल संस्थान ,बैंक और राजस्व विभाग बकायेदारों से वसूली के लिए पूरी ताकत झोंक देता है। बकाए की रकम अदा न करने वाले को जेल की हवा खिला देते हैं। किसी का मकान नीलाम होता है किसी की दुकान नीलाम होती है। जो अफसर सरकारी धन की वसूली के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं। वही अधिकारी स्वयं का टैक्स देने में कतराते हैं। जनपद में 19 सरकारी विभाग  कैसे हैं जिन पर 6,24,320 रुपए बकाया है। इसका खुलासा समाजसेवी आरटीआई एक्टिविस्ट कुलदीप शुक्ला द्वारा नगर पालिका परिषद बांदा से मांगी गई सूचना पर हुआ।

बकायेदारों में कार्यालय समाज कल्याण निर्माण निगम अधिशासी अभियंता 24000, बालिका हरिजन छात्रावास 33000, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल 50,000, पशु चिकित्सा अधिकारी पशुपालन विभाग 12500, सब रजिस्टार 20000 ,मुख्य चिकित्सा अधिकारी 18000, जिला अधीक्षक कारागार 17500, जिला अधीक्षक अल्पसंख्याक 10,000 आरएफसी 5500 ,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी 18000, कार्यालय उपखंड अधिकारी जल विद्युत खंड बांदा 40000, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम 20000, अधिशासी अभियंता स्थाई खंड पीडब्ल्यूडी 97970, दूरभाष केंद्र बांदा 80000, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड 27500, जिला कोऑपरेटिव बैंक 6000, प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम 60000,सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक 7000 और जिला अधिकारी कार्यालय पर 60350 रुपए बकाया है।

साभार-बुंदेलखंड न्यूज़


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