Buxwah

MP के बाद गुजरात में चला बुलडोजर:खंभात में दरगाह के सामने बनीं अवैध दुकानें गिराईं, रामनवमी शोभायात्रा पर पथराव के बाद लिए एक्शन

 यूपी के योगी बाबा के बुलडोजर एक्शन की लोकप्रियता मध्यप्रदेश होते हुए गुजरात पहुंच गई है। गुजरात के खंभात में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव करने वालों की दुकानों को प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया है। यह दुकानें हिंसा वाली जगह एक मजार (दरगाह) के सामने अवैध तरीके से बनाईं गई थीं।



रामनवमी पर गुजरात के खंभात के अलावा हिम्मतनगर और द्वारका में भी पथराव हुआ था। खंभात में हुए पथराव में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

खंभात में रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए पथराव में तीन स्थानीय मौलवियों की साजिश थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

खंभात में रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए पथराव में तीन स्थानीय मौलवियों की साजिश थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

खंभात प्रशासन ने दुकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के बारे में कहा- यह सब अवैध निर्माण था, जिसे गिराया गया है। सुरक्षा के लिहाज से इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम और कई अन्य बड़े ऑफिसर भी इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद रहे।

प्रशासन का कहना है कि यहां जो अवैध निर्माण थे, वहां से आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसलिए एक्शन लिया गया। इस तरह से हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की जांच में सामने आया था कि दंगाइयों ने प्री-प्लांड तरीके से रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव किया था। एक दिन पहले ही शोभायात्रा के मार्ग पर पड़ने वाले खेतों में पत्थर जमा कर लिए गए थे।

पुलिस की जांच में सामने आया था कि दंगाइयों ने प्री-प्लांड तरीके से रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव किया था। एक दिन पहले ही शोभायात्रा के मार्ग पर पड़ने वाले खेतों में पत्थर जमा कर लिए गए थे।

खंभात में क्या हुआ था?

रामनवमी के मौके पर खंभात शहर के शंकरपुरा क्षेत्र के रामजी मंदिर से रविवार शाम 4 बजे डीजे के साथ जुलूस निकाला गया था। जुलूस में तीन हजार से अधिक श्रद्धालु जमा थे। जुलूस तीन द्वारों चितरी बाजार, पीठ बाजार, मंडई चौकी क्षेत्र से होकर गुजरना था। हालांकि शंकरपुरा क्षेत्र से निकलने के बाद जुलूस कुछ दूर ही पहुंचा था कि तभी बबूल के खेतों से कुछ दंगाइयों ने अचानक जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई। इसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।

जुलूस के शकरपुरा क्षेत्र से आगे बढ़ते ही पथराव शुरू हो गया था। यहां एक व्यक्ति की मौत हुई हो गई थी, जबकि 15 पुलिस वाले घायल हुए थे। जुलूस के शकरपुरा क्षेत्र से आगे बढ़ते ही पथराव शुरू हो गया था। यहां एक व्यक्ति की मौत हुई हो गई थी, जबकि 15 पुलिस वाले घायल हुए थे।

तीन मौलवियों ने बाहर से बुलाए थे दंगाई

खंभात पुलिस के मुताबिक दंगे की साजिश खंभात के ही तीन मौलवियों और दो अन्य लोगों ने रची थी। तीनों मौलवियों सहित अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दंगे की साजिश को अंजाम देने के लिए मौलवियों ने खंभात के बाहर से लोगों को बुलाया था, जिससे कि उनकी पहचान न हो सके। वहीं, जुलूस के एक दिन पहले ही खेतों में पत्थर जमा कर लिए गए थे। जुलूस पर पत्थर कहां से फेंकना है, यह भी पहले से ही तय था।

मप्र के खरगोन में भी चला था बुलडोजर

रामनवमी के दिन मध्यप्रदेश के खरगोन में भी इसी तरह की हिंसा हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंगाइयों के खिलाफ जबर्दस्त एक्शन लिया था। जुलूस पर पत्थर फेंकने वालों के घरों पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। आरोपियों के घर और दुकानें भी ढहा दी गईं। शहर के संवेदनशील क्षेत्र छोटी मोहन टॉकीज में भारी पुलिस बल तैनात कर दंगाइयों के मकान-दुकान जमींदोज कर दिए गए।


साभार- भास्कर.कॉम


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