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झांसी में 2.48 लाख हैं हाइपरटेंशन के मरीज

 झांसी में 2.48 लाख हैं हाइपरटेंशन के मरीज

झांसी। साइलेंट किलर कहे जाने वाले हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के झांसी में 2.48 लाख मरीज हैं। डॉक्टरों का कहना है कि 50 प्रतिशत मरीजों को इस बीमारी के बारे में पता ही नहीं होता है। जबकि, बाकी 50 फीसदी रोगियों में भी आधे बीमारी के प्रति गंभीर न होने से नियमित दवाएं नहीं लेते हैं। आगे चलकर ये बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। हार्ट अटैक से लेकर किडनी तक फेल हो सकती है।



एक सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। यदि ये 140/90 या इससे ज्यादा होता है तो व्यक्ति उच्च रक्तचाप का मरीज माना जाता है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि तमाम स्टडी में दावा किया गया कि है 18 से 40 साल तक के 12 फीसदी युवा और 40 से अधिक आयु के 30 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन का शिकार होते हैं। मेडिकल कॉलेज में हर महीने 1500 हाइपरटेंशन के मरीज आते हैं। इसमें करीब 150 युवा होते हैं। उन्होंने बताया कि आधे मरीजों को तो ये जानकारी ही नहीं होती है कि वो इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। हाइपरटेंशन का मुख्य कारण मोटापा, फल व सब्जियों का कम सेवन, पर्याप्त व्यायाम न करना, अत्यधिक शराब का सेवन, धूम्रपान, पर्याप्त नींद न लेना, तनाव, कंप्यूटर व मोबाइल का ज्यादा देर तक प्रयोग करना है। साथ ही ज्यादा तला भुना खाना,

तेलीय पदार्थों का ज्यादा सेवन करना, खाने में नमक की मात्रा ज्यादा होना आदि भी इसके कारण हो सकते हैं। इंडियन हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक अनुज चौधरी ने बताया कि सर्वे के तहत झांसी में हाइपरटेंशन के 2.48 लाख मरीज चिह्नित किए गए हैं। इसमें से 4890 रोगियों के बीपी कार्ड भी बन चुके हैं।

किस आयु वर्ग के कितने लोग

18 से 40 - 6.60 लाख से अधिक

40 से अधिक - 5.25 लाख से अधिक

(नोट: ये आंकड़े वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक हैं।)

ये हैं लक्षण

- सिर दर्द, सिर चकराना

- थकान और सुस्ती लगना

- दिल की धड़कन बढ़ना

- आंखों से धुंधला दिखाई देना

वर्जन..

इंडियन हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव कार्यक्रम के तहत उच्च रक्तचाप के मरीजों को चिह्नित कर बीपी कार्ड बनाए जाते हैं। गांव स्तर पर एएनएम इन कार्ड धारकों को समय-समय पर ट्रैक कर नियमित जांच की जाती है। इस कार्यक्रम का विस्तार सीएचसी, पीएचसी से लेकर ब्लॉक के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी कर दिया गया है। - डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ।


साभार- अमर उजाला 

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