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एमपी में कोयले की कमी पर बोले ऊर्जा मंत्री: 30 लाख मीट्रिक टन कोयला जल्द आएगा, किसी भी कीमत पर बिजली संकट नहीं आने देंगे

 एमपी में कोयले की कमी पर बोले ऊर्जा मंत्री: 30 लाख मीट्रिक टन कोयला जल्द आएगा, किसी भी कीमत पर बिजली संकट नहीं आने देंगे



ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर में कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र में बिजली की क्या स्थिति है। मध्य प्रदेश में बहुत बेहतर स्थिति है। ये मैं नहीं कह रहा, प्रदेशभर के समाचार पत्र, चैनल कह रहे हैं। हम काफी अच्छी स्थिति में हैं। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी कीमत पर प्रदेश में बिजली संकट नहीं आने देंगे।

मध्य प्रदेश से भी कोयले की कमी की खबरें आने लगी हैं। आशंकित बिजली संकट पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी कीमत पर प्रदेश में बिजली संकट नहीं आने देंगे। कोयले की कमी जरूर है, हमने सड़क मार्ग से 30 लाख मीट्रिक टन कोयला लाने के टेंडर कर दिए हैं।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र में बिजली की क्या स्थिति है। मध्य प्रदेश में बहुत बेहतर स्थिति है। ये मैं नहीं कह रहा, प्रदेशभर के समाचार पत्र, चैनल कह रहे हैं। हम काफी अच्छी स्थिति में हैं। आज भी 12 हजार मेगावॉट की मांग थी। और हमने करीब 12 हजार मेगावॉट बिजली दी है। कोयले आ रहा है, हमने व्यवस्था की है। कोयले का संकट तो है पर कोई प्राकृतिक आपदा नहीं आई तो हम कोई संकट नहीं आने देंगे। हम भरोसा दिलाते हैं कि लोगों को पॉवर क्वालिटी दे पाएंगे।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि कमलनाथ को कोयले की कमी इसलिए नजर आ रही है, क्योंकि कांग्रेस की सरकार में बिजली का यही हाल था। वहीं डॉक्टर गोविंद सिंह को कांग्रेस के द्वारा नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर तोमर ने कहा है कि डॉक्टर गोविंद सिंह की नियुक्ति केवल इसलिए की गई है, क्योंकि वे चंबल से आते हैं और सिंधिया परिवार के खिलाफ बोलते हैं। इसलिए एक नेता को टारगेट करने के लिए गोविंद सिंह की नियुक्ति की गई है। कांग्रेस पुत्र मोह, कुछ नेताओं के कारण ये पार्टी मप्र में सत्ता से गई। इन दो सालों में कांग्रेस पार्टी ने जमीन पर कोई आंदोलन नहीं किया है।

 

 साभार- अमर उजाला 

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