Buxwah

स्व-रोजगार के इच्छुक युवाओं को हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के युवा रोजगार प्राप्त करने के प्रयासों के साथ स्व-रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें, राज्य सरकार हर संभव मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध करायेगी। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश ने स्टार्ट-अप नीति का क्रियान्वयन आरंभ किया है। प्रदेश में वेंचर केपिटल फंड बनाया गया है। इन्दौर में हाल ही में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्टार्ट-अप आरंभ कर व्यापार, व्यवसाय के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्रदेश के युवाओं से संवाद किया। प्रदेश में लगातार नये उद्योग स्थापित हो रहे हैं। युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं, युवा नये आइडियाज को क्रियान्वन्वित करते हुए स्व-रोजगार स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ें। इससे वे स्वयं के साथ अपने साथियों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे। युवाओं की यह उद्यमशीलता, आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की स्थापना में भी सहायक होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान सेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूटस द्वारा आयोजित केरियर-डे पर सेज विश्वविद्यालय के सहारा बायपास स्थित केम्पस में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सेज ग्रुप के चेयरमेन श्री संजीव अग्रवाल सहित अकादमिक तथा तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में टीसीएस और इन्फोसिस जैसे संस्थानों को अपने कैम्पस आरंभ करने के लिए आमंत्रित किया गया है। उद्देश्य यही है कि प्रदेश के युवाओं को अध्ययन के बाद प्रदेश में ही रोजगार का अवसर उपलब्ध हो। प्रदेश में स्थापित हो रहे आईटी पार्कों से भी रोजगार के पर्याप्त अवसर निर्मित हो रहे हैं। आत्म-निर्भर भारत के लिए, आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्यरत है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा और मेधा को संपूर्ण विश्व स्वीकार करता है। विश्व की श्रेष्ठतम संस्थाओं में भारतीय युवाओं ने अपनी दक्षता को प्रमाणित किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के मान-सम्मान और प्रभाव का विश्व में विस्तार हुआ है। युवाओं के योगदान से ही वैभवशाली, गौरवशाली, समृद्ध, संपन्न, सशक्त और आत्म-निर्भर भारत का निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानन्द के विचारों को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि मनुष्य अनंत शक्तियों का भण्डार है। स्वयं को जानना और अपनी क्षमता पहचानना आवश्यक है। निश्चित लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने से सफलता प्राप्त होना निश्चित है। प्रदेश में स्व-रोजगार के इच्छुक युवाओं को लोन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आरंभ की गई है, जिसमें 50 लाख रुपए तक के ऋण की सुविधा है। इसकी गारंटी राज्य सरकार देती है। योजना में ब्याज पर सात वर्ष तक तीन प्रतिशत की सब्सिडी की व्यवस्था भी की गई है। युवाओं को स्व-रोजगार के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ आवश्यकता होने पर भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्राचीन और महान है। हमें यह सोचना है कि हमारा जीवन उद्देश्यपूर्ण कैसे हो। इसके लिए आवश्यक है कि चिंतन-मनन कर अपने लक्ष्य तय करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए रोडमैप निर्धारित करते हुए दृढ़ संकल्प और परिश्रम के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आप जो भी करें वह पूरी निष्ठा,लगन, ईमानदारी और समर्पण के साथ करें, तो सफलता निश्चित है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में स्थापित हुई शिक्षण-प्रशिक्षण की उच्च स्तरीय संस्थाओं में देश भर के विद्यार्थी आकर्षित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना है। सेज ग्रुप के चेयरमेन श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाला शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने का लक्ष्य लेकर आरंभ की गई यात्रा ने सेज विश्वविद्यालय के रूप में आकार लिया है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों और मार्केटिंग में विद्यार्थियों को श्रेष्ठतम प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए श्रेष्ठतम संस्थाओं से टॉइअप किया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंस्टीट्यूटस से पासआउट और टीसीएस, विप्रो, एसेंचर, जैसी विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्लेसमेंट पा चुके विद्यार्थियों का सम्मान कर प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जला कर किया। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं। कार्यक्रम जन-गण-मन के गायन के साथ सम्पन्न हुआ।


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