Buxwah

केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नदी में बनेंगे दो बैराज, केंद्रीय टीम ने किया निरीक्षण

बांदा, 

केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित महत्वाकांक्षी केन बेतवा लिंक परियोजना के भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद इस परियोजना को अमलीजामा पहनाये जाने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के डायरेक्टर जनरल एवं केंद्रीय वेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण के सीईओ भोपाल सिंह ने शुक्रवार को 7 सदस्यीय केंद्रीय टीम व झांसी के चीफ इंजीनियर के साथ बांदा की केन नदी का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य शुरू करने व प्रशासनिक कामकाज के बंटवारे की रूपरेखा निर्धारित की। बताते चलें कि केन बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत 44. 605 करोड़ रुपए की लागत 221 किलोमीटर नहर का निर्माण कार्य होना है।सबसे पहले इस राशि से प्रभावितों के विस्थापन पर काम किया जा रहा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की सूचना जारी होने के बाद विस्थापित होने वाले गांव के राजस्व रिकार्ड को दुरुस्त किया जा रहा है। बताया जा रहा है की विस्थापन का कार्य के 2 महीने अंदर शुरू हो जाएगा। इस परियोजना में यूपी के बांदा और महोबा के 10 गांवों के लोग प्रभावित होंगे। उनके विस्थापन के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है।



परियोजना के शुरू होने से पहले बुंदेलखंड के 23 लाख पेड़ भी इस परियोजना के भेंट चढेंगे। इस बारे में बांदा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता श्याम जी चौबे का कहना है कि इस परियोजना के अंतर्गत बांदा स्थित केन नदी में मरौली और पैलानी गांव में बैराज बनाए जाएंगे। इसी के लिए केंद्रीय टीम ने स्थालीय निरीक्षण किया है। अभी यह तय नहीं हो पाया की बैराज कहां पर बनाया जाएगा।

केन का पानी पहुंचेगा बेतवा में कटनी-पन्ना और छतरपुर जिलों में बहने वाली केन नदी 427 किलोमीटर का सफर तय कर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पास यमुना नदी में गिरती है। रायसेन के पास से निकली बेतवा नदी 576 किलोमीटर का सफर तय करती हुई उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के पास यमुना नदी में मिलती है।

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के तहत ढोढन (पन्ना) में डैम बनाकर केन के पानी को रोका जाएगा। यहां से 220.624 किलोमीटरकी नहर बनाकर केन का पानी बरुआसागर (झांसी) से निकली बेतवा नदी में छोड़ा जाएगा। इसमें 2 किलोमीटर लंबी सुरंग भी बनाई जाएगी।

इस प्रोजेक्ट से क्या होगा फायदा केंद्र सरकार ने नदियों को जोड़ने के लिए नेशनल पर्सपैक्टिव प्लान बनाया था। केन-बेतवा लिंक परियोजना प्लान का पहला प्रोजेक्ट है। केन नदी का पानी बेतवा नदी में ट्रांसफर किया जाएगा। दोनों नदियों को जोड़ने के लिए 220.624 किलोमीटर लंबी केन-बेतवा लिंक नहर बनाई जाएगी।

मध्यप्रदेश के जिले पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन और उत्तरप्रदेश के जिले बांदा, महोबा, झांसी, ललितपुर को इससे फायदा होगा। केन और बेतवा नदी को जोड़ने वाली परियोजना वार्षिक सिंचाई और पनबिजली उत्पादन भी प्रदान करेगा। बुंदेलखंड क्षेत्र के 62 लाख लोगों को भी इस परियोजना से बेहतर पेयजल आपूर्ति होगी।



साभार- बुंदेलखंड न्यूज़ 

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